शरैर्वीक्ष्य
शल्य पर्व
अध्याय १३
६ ख
शरैर्वीरं
द्रोण पर्व
अध्याय ६६
१३ ख
शरैर्वैतस्तिकै
द्रोण पर्व
अध्याय ९८
५० ख
शरैर्हताः
द्रोण पर्व
अध्याय ६८
३८ ख
शरैर्हतान्पातितांश्चैव
उद्योग पर्व
अध्याय ४७
५३ ख
शरैर्हृतान्
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८५
१५ क
शरैर्हेमपुङ्खैः
द्रोण पर्व
अध्याय ६८
६१ क
शरैर्हेमविभूषितैः
कर्ण पर्व
अध्याय ४२
१५ ख
शरैश्च
आदि पर्व
अध्याय २१५
१५ क
शरैश्च
उद्योग पर्व
अध्याय १९
४ क
शरैश्च
द्रोण पर्व
अध्याय ६८
४५ क
शरैश्च
कर्ण पर्व
अध्याय ४२
३७ ख
शरैश्च
कर्ण पर्व
अध्याय ५५
६३ ग
शरैश्च
कर्ण पर्व
अध्याय ५७
५४ ख
शरैश्च
कर्ण पर्व
अध्याय ६०
१४ ख
शरैश्च
कर्ण पर्व
अध्याय ६०
३३ ख
शरैश्च
शल्य पर्व
अध्याय १९
१९ क
शरैश्चकर्त
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८३
२० ख
शरैश्चक्रे
शल्य पर्व
अध्याय २६
४७ ख
शरैश्चक्रैः
द्रोण पर्व
अध्याय १५३
२२ ख
शरैश्चतुर्भिः
कर्ण पर्व
अध्याय ६६
३४ क
शरैश्चतुर्भिर्निजघान
शल्य पर्व
अध्याय १६
२४ क
शरैश्चतुर्भिश्चतुरो
भीष्म पर्व
अध्याय ८७
२० ख
शरैश्चान्यान्पार्थो
भीष्म पर्व
अध्याय ७७
४२ ख
शरैश्चापि
भीष्म पर्व
अध्याय ९२
६२ ख
शरैश्चापि
भीष्म पर्व
अध्याय ९६
३९ क
शरैश्चापि
द्रोण पर्व
अध्याय ६८
६२ क
शरैश्चापि
शल्य पर्व
अध्याय १०
१९ क
शरैश्चाभ्यहनद्वली
शल्य पर्व
अध्याय १०
३५ ख
शरैश्चावाकिरद्राजञ्शैनेय़ं
द्रोण पर्व
अध्याय १६४
३४ ख
शरैश्चाशु
द्रोण पर्व
अध्याय १६३
७ ख
शरैश्चाहं
भीष्म पर्व
अध्याय ११५
५४ ख
शरैश्चिच्छेद
वन पर्व
अध्याय २३४
२१ ख
शरैश्चिच्छेद
कर्ण पर्व
अध्याय ३३
२७ ख
शरैश्चिच्छेद
कर्ण पर्व
अध्याय ३३
३२ क
शरैश्चिच्छेद
कर्ण पर्व
अध्याय ४४
२८ ख
शरैश्चिच्छेदाशुपराक्रमः
द्रोण पर्व
अध्याय १७
१२ ख
शरैश्चितः
द्रोण पर्व
अध्याय १६४
३ ख
शरैश्चिताः
द्रोण पर्व
अध्याय २६
१९ ख
शरैश्चिताङ्गो
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
३७ ख
शरैश्चित्रितो
कर्ण पर्व
अध्याय १०
७ क
शरैश्चित्रोऽसृगाप्लुतः
द्रोण पर्व
अध्याय ४७
३ ख
शरैश्चैनं
भीष्म पर्व
अध्याय ७८
४७ ग
शरैश्चैनमवाकिरत्
द्रोण पर्व
अध्याय १५२
२५ ख
शरैश्चैनमवाकिरत्
शल्य पर्व
अध्याय १३
३६ ख
शरैश्चैव
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
३२ ख
शरैश्चैव
भीष्म पर्व
अध्याय ११६
९ ख
शरैश्चैवाभ्यवीवृषत्
द्रोण पर्व
अध्याय १६४
३८ ख
शरैश्छन्नाः
कर्ण पर्व
अध्याय ४२
३० ख
शरैश्छन्नाश्चित्ररूपा
द्रोण पर्व
अध्याय ७३
१७ ख
शरैश्छन्नास्तथाहं
वन पर्व
अध्याय २१
२३ ख
शरैश्छित्त्वा
द्रोण पर्व
अध्याय १३
२२ ख
शरैश्छित्त्वा
द्रोण पर्व
अध्याय २७
१० क
शरैश्छिन्नतनुच्छदम्
द्रोण पर्व
अध्याय १४३
२१ क
शरैश्छिन्नतनुच्छदम्
कर्ण पर्व
अध्याय ५९
३२ क
शरैश्छिन्नतनुच्छदौ
द्रोण पर्व
अध्याय १११
२५ क
शरैश्छिन्नतनुच्छदौ
द्रोण पर्व
अध्याय १४३
१७ क
शरैश्छिन्नानि
विराट पर्व
अध्याय ३१
१२ क
शरैश्छेत्स्यति
उद्योग पर्व
अध्याय ४७
३२ ख
शरैस्ततो
वन पर्व
अध्याय २१
१८ ख
शरैस्ततो
वन पर्व
अध्याय २७२
२१ क
शरैस्तत्र
अनुशासन पर्व
अध्याय १४१
२ ख
शरैस्तथा
भीष्म पर्व
अध्याय ५३
१९ ख
शरैस्तथार्जुनम्
कर्ण पर्व
अध्याय ६६
२९ क
शरैस्तदा
शल्य पर्व
अध्याय १६
१२ क
शरैस्तदाञ्जोगतिभिः
कर्ण पर्व
अध्याय ५७
६७ क
शरैस्तमः
द्रोण पर्व
अध्याय १३५
४० ख
शरैस्तव
द्रोण पर्व
अध्याय ८३
३५ ख
शरैस्तव
द्रोण पर्व
अध्याय १२०
७५ ख
शरैस्तस्य
द्रोण पर्व
अध्याय ८५
२३ क
शरैस्तस्य
शल्य पर्व
अध्याय ९
४५ ख
शरैस्तीक्ष्णैः
भीष्म पर्व
अध्याय ४३
१६ ग
शरैस्तीक्ष्णैः
भीष्म पर्व
अध्याय ५४
१० ख
शरैस्तीक्ष्णैः
भीष्म पर्व
अध्याय ५५
६२ क
शरैस्तीक्ष्णैः
भीष्म पर्व
अध्याय १०६
२ ख
शरैस्तीक्ष्णैः
द्रोण पर्व
अध्याय ३८
२७ ख
शरैस्तीक्ष्णैः
द्रोण पर्व
अध्याय ६८
५७ क
शरैस्तीक्ष्णैः
द्रोण पर्व
अध्याय १०१
२६ ख
शरैस्तीक्ष्णैः
द्रोण पर्व
अध्याय १३१
१२८ क
शरैस्तीक्ष्णैः
कर्ण पर्व
अध्याय ३८
८ क
शरैस्तीक्ष्णैः
शल्य पर्व
अध्याय ९
१४ क
शरैस्तीक्ष्णैः
शल्य पर्व
अध्याय २६
३२ ख
शरैस्तीक्ष्णैरदारय़त्
द्रोण पर्व
अध्याय १४०
३८ ख
शरैस्तीक्ष्णैरनुवव्राज
भीष्म पर्व
अध्याय ५४
१८ ख
शरैस्तीक्ष्णैरन्योन्यं
द्रोण पर्व
अध्याय ९०
४० क
शरैस्तीक्ष्णैरभिमन्युं
द्रोण पर्व
अध्याय ३९
२२ क
शरैस्तीक्ष्णैरभ्यवर्षद्गतव्यथः
वन पर्व
अध्याय २६९
१३ ख
शरैस्तीक्ष्णैरर्दय़ामास
द्रोण पर्व
अध्याय ८३
१९ ग
शरैस्तीक्ष्णैरवस्थितम्
आदि पर्व
अध्याय ९४
२४ ख
शरैस्तीक्ष्णैर्गदाभिर्मुसलैरपि
वन पर्व
अध्याय १९५
२२ ख
शरैस्तीक्ष्णैर्गाण्डीवप्रेषितैर्मृधे
द्रोण पर्व
अध्याय ६७
६१ क
शरैस्तीक्ष्णैर्गार्ध्रपत्रैरजिह्मगैः
विराट पर्व
अध्याय ५६
२३ क
शरैस्तीक्ष्णैर्जघान
द्रोण पर्व
अध्याय १३५
२४ ख
शरैस्तीक्ष्णैर्दारय़ित्वा
कर्ण पर्व
अध्याय १९
१६ ख
शरैस्तीक्ष्णैर्दृष्ट्वा
शान्ति पर्व
अध्याय २७
६ ख
शरैस्तीक्ष्णैर्नाशय़िष्यत्यसंशय़म्
द्रोण पर्व
अध्याय ६
१३ ख
शरैस्तीक्ष्णैर्निपेतुर्धरणीतले
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
९३ क
शरैस्तीक्ष्णैर्न्यपतन्वसुधातले
वन पर्व
अध्याय २७२
१३ ग
शरैस्तीक्ष्णैर्नय़ामि
वन पर्व
अध्याय ४०
३२ ख
शरैस्तीक्ष्णैर्भीमसेनमताडय़न्
द्रोण पर्व
अध्याय १३२
२० ग