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सम्पूजय़ामास
आदि पर्व
अध्याय १४९
१९ ख
सम्पूजय़ामास
सभा पर्व
अध्याय ६०
३८ क
सम्पूजय़ामास
शल्य पर्व
अध्याय ३२
१९ ख
सम्पूजय़ामास
शान्ति पर्व
अध्याय ३९
१७ क
सम्पूजय़ामास
शान्ति पर्व
अध्याय १७३
५२ क
सम्पूजय़ामास
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १७
६ ख
सम्पूजय़ामासुः
वन पर्व
अध्याय ४४
१० ख
सम्पूजय़ामासुः
द्रोण पर्व
अध्याय १३५
३९ ख
सम्पूजय़ामासुरतीव
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २६
२२ क
सम्पूजय़ामासुस्तद्वचो
शल्य पर्व
अध्याय ३२
५० ख
सम्पूजय़ामि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १६
४३ क
सम्पूजय़ाम्यहम्
शान्ति पर्व
अध्याय ३२८
२१ ख
सम्पूजय़ाम्यहम्
अनुशासन पर्व
अध्याय ३२
८ ख
सम्पूजय़ित्वा
आदि पर्व
अध्याय ५४
१५ क
सम्पूजय़ित्वात्मविधिक्रिय़ाभिः
शान्ति पर्व
अध्याय ३२२
५ ख
सम्पूजय़िष्यति
वन पर्व
अध्याय ३०
४५ क
सम्पूर्णं
उद्योग पर्व
अध्याय ५७
२२ क
सम्पूर्णं
भीष्म पर्व
अध्याय ७७
१२ ख
सम्पूर्णं
शान्ति पर्व
अध्याय २२६
३२ क
सम्पूर्णः
आदि पर्व
अध्याय १५१
१० क
सम्पूर्णचन्द्राभमुखः
द्रोण पर्व
अध्याय ३०
२६ क
सम्पूर्णमनेकैश्च
वन पर्व
अध्याय २१४
११ ग
सम्पूर्णमरीचिभास्वता;
कर्ण पर्व
अध्याय ६६
१९ ख
सम्पूर्णमानसः
वन पर्व
अध्याय २९४
२० ख
सम्पूर्णमानसाः
आदि पर्व
अध्याय १५५
४८ ख
सम्पूर्णमानसाः
शल्य पर्व
अध्याय ४३
५२ ख
सम्पूर्णा
उद्योग पर्व
अध्याय ४८
३३ ख
सम्पूर्णा
द्रोण पर्व
अध्याय ४८
२३ क
सम्पूर्णां
वन पर्व
अध्याय ५४
५ ख
सम्पूर्णां
द्रोण पर्व
अध्याय १२३
३४ ख
सम्पूर्णां
शान्ति पर्व
अध्याय १४
९ ख
सम्पूर्णे
शान्ति पर्व
अध्याय ३०८
११८ क
सम्पूर्णेन्दुनिभाननाम्
अनुशासन पर्व
अध्याय ४१
४ ख
सम्पूर्णो
शल्य पर्व
अध्याय ५४
४२ ख
सम्पूर्णो
शान्ति पर्व
अध्याय १९०
११ ख
सम्पूरय़न्दिशः
कर्ण पर्व
अध्याय ३३
२५ ख
सम्पूरय़न्नादैर्महामेघरवोपमैः
वन पर्व
अध्याय ४३
३ ख
सम्पृक्तमित्येवं
भीष्म पर्व
अध्याय ४५
५० ख
सम्पृक्तमेकय़ोनित्वमागतम्
अनुशासन पर्व
अध्याय ८३
५३ ख
सम्पृक्ते
शल्य पर्व
अध्याय २१
४१ क
सम्पृच्छते
उद्योग पर्व
अध्याय ६५
९ क
सम्पृच्छन्ति
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १
६ क
सम्पृच्छमानाय़ा
अनुशासन पर्व
अध्याय ६३
४ क
सम्पृच्छे
शान्ति पर्व
अध्याय ८२
४ ख
सम्पृच्छेन्न
उद्योग पर्व
अध्याय ४०
२१ ख
सम्पृष्ट
भीष्म पर्व
अध्याय ६१
२४ क
सम्पृष्टः
उद्योग पर्व
अध्याय ९६
३ क
सम्पृष्टः
उद्योग पर्व
अध्याय १९५
६ क
सम्पृष्टवानिह
शान्ति पर्व
अध्याय ३०६
३५ ख
सम्पृष्ट्वा
सभा पर्व
अध्याय ३०
१६ ख
सम्पेतुः
वन पर्व
अध्याय १२
१० ख
सम्पेतुः
वन पर्व
अध्याय ४३
३२ ख
सम्पेतुः
भीष्म पर्व
अध्याय ४४
३३ ख
सम्पेतुः
भीष्म पर्व
अध्याय ६७
३९ ख
सम्पेतुः
भीष्म पर्व
अध्याय ९९
२४ ख
सम्पेतुः
द्रोण पर्व
अध्याय १९
४७ ख
सम्पेतुः
द्रोण पर्व
अध्याय २९
३७ ख
सम्पेतुः
कर्ण पर्व
अध्याय ९
१८ ख
सम्पेतुः
कर्ण पर्व
अध्याय ३६
४ ख
सम्पेतुराकाशात्कृष्णपाण्डवौ
आदि पर्व
अध्याय २१८
२० ख
सम्पेतुर्दिक्षु
भीष्म पर्व
अध्याय ६७
२८ ख
सम्पेतुर्दिवि
भीष्म पर्व
अध्याय १७
२ ख
सम्पेतुर्भक्षय़न्तो
कर्ण पर्व
अध्याय ३७
२६ क
सम्पेतुर्भुजगोपमाः
भीष्म पर्व
अध्याय ४४
२१ ख
सम्पेतुर्भुजगोपमाः
भीष्म पर्व
अध्याय ४४
३० क
सम्पेतुर्वध्यमाना
कर्ण पर्व
अध्याय १७
१०३ ग
सम्पेतुर्ववुर्वाताश्च
कर्ण पर्व
अध्याय २६
३४ ग
सम्पेतुर्वै
कर्ण पर्व
अध्याय ४०
११५ क
सम्प्रकर्तुमिहार्हसि
द्रोण पर्व
अध्याय ८५
९४ ख
सम्प्रकर्षति
शान्ति पर्व
अध्याय १६९
१३ ख
सम्प्रकर्षन्नशोभत
कर्ण पर्व
अध्याय ३१
१८ ख
सम्प्रकाशते
वन पर्व
अध्याय १३५
१ क
सम्प्रकाशते
विराट पर्व
अध्याय ४८
४ क
सम्प्रकाशते
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४९
१५ क
सम्प्रकाशन्ते
शान्ति पर्व
अध्याय १०९
१४ ग
सम्प्रकाशय़ेत्
शान्ति पर्व
अध्याय १५८
९ क
सम्प्रकीर्णेन्द्रिय़ो
शान्ति पर्व
अध्याय १६२
८ ख
सम्प्रकीर्तितः
वन पर्व
अध्याय १८९
१३ ग
सम्प्रकीर्तितः
भीष्म पर्व
अध्याय ४०
४ ख
सम्प्रकीर्तितः
शान्ति पर्व
अध्याय १८५
२७ क
सम्प्रकीर्तितः
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४५
१४ क
सम्प्रकीर्तिता
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
११७ क
सम्प्रकीर्तिता
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३५
३८ ख
सम्प्रकीर्तिताः
अनुशासन पर्व
अध्याय १०६
२१ क
सम्प्रकीर्तिताः
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३६
१६ क
सम्प्रकीर्तिताः
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३७
१३ ग
सम्प्रकीर्तय़ेत्
अनुशासन पर्व
अध्याय ७७
१७ ख
सम्प्रकुप्यन्ते
शान्ति पर्व
अध्याय ८८
२३ ख
सम्प्रकृत्तोत्तमाङ्गाश्च
शान्ति पर्व
अध्याय १६०
५६ ख
सम्प्रक्रुष्टे
कर्ण पर्व
अध्याय २६
५० क
सम्प्रक्षालनकालोऽय़ं
वन पर्व
अध्याय १८५
२७ क
सम्प्रक्षालाश्मकुट्टाश्च
अनुशासन पर्व
अध्याय १२९
४४ ख
सम्प्रक्षालास्तथापरे
शल्य पर्व
अध्याय ३६
४५ ख
सम्प्रक्षालास्तथैव
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९५
७ क
सम्प्रक्षालैर्यतिभिर्ध्याननित्यैः
अनुशासन पर्व
अध्याय १४
३८ क
सम्प्रक्षालैस्तथापरैः
अनुशासन पर्व
अध्याय १३०
११ ख
सम्प्रगाहते
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४९
२६ क
सम्प्रगाहन्त्यभीरवः
शान्ति पर्व
अध्याय १०१
३९ ख
सम्प्रगाय़न्ति
कर्ण पर्व
अध्याय २७
७१ ख
सम्प्रगृह्य
शल्य पर्व
अध्याय ५६
७ ख