सम्प्रहारो
वन पर्व
अध्याय २६९
१० क
सम्प्रहारो;
सभा पर्व
अध्याय ५६
५ ख
सम्प्रहारोपपन्नै;
द्रोण पर्व
अध्याय २
२७ ख
सम्प्रहाय़
विराट पर्व
अध्याय १६
११ क
सम्प्रहृष्टः
भीष्म पर्व
अध्याय ४१
९६ क
सम्प्रहृष्टः
शल्य पर्व
अध्याय ५९
३७ ख
सम्प्रहृष्टः
शान्ति पर्व
अध्याय १४१
१८ क
सम्प्रहृष्टतनूरुहः
आदि पर्व
अध्याय ९४
८९ क
सम्प्रहृष्टतनूरुहः
वन पर्व
अध्याय १४६
२२ क
सम्प्रहृष्टतनूरुहः
वन पर्व
अध्याय १४६
६३ क
सम्प्रहृष्टतनूरुहः
वन पर्व
अध्याय १४९
११ क
सम्प्रहृष्टतनूरुहः
वन पर्व
अध्याय १६५
३ क
सम्प्रहृष्टतनूरुहः
विराट पर्व
अध्याय ६३
२२ क
सम्प्रहृष्टतनूरुहः
शल्य पर्व
अध्याय ५५
४१ क
सम्प्रहृष्टनराकुलम्
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५१
२४ ख
सम्प्रहृष्टनरावृतम्
उद्योग पर्व
अध्याय १५०
२४ क
सम्प्रहृष्टमना
शल्य पर्व
अध्याय ५४
१९ क
सम्प्रहृष्टमना
शान्ति पर्व
अध्याय २७५
३ ख
सम्प्रहृष्टमनाश्चापि
आदि पर्व
अध्याय १५४
१३ क
सम्प्रहृष्टमनास्तदा
शल्य पर्व
अध्याय ५०
३० क
सम्प्रहृष्टमुखौ
सभा पर्व
अध्याय १८
८ ख
सम्प्रहृष्टमय़ोधय़न्
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७६
१० ख
सम्प्रहृष्टश्च
कर्ण पर्व
अध्याय ५२
१ ख
सम्प्रहृष्टस्य
वन पर्व
अध्याय ७६
५ ख
सम्प्रहृष्टा
वन पर्व
अध्याय २१९
२९ ख
सम्प्रहृष्टा
उद्योग पर्व
अध्याय ५
१४ ख
सम्प्रहृष्टा
उद्योग पर्व
अध्याय १४
२ क
सम्प्रहृष्टा
शल्य पर्व
अध्याय २९
३४ क
सम्प्रहृष्टा
शल्य पर्व
अध्याय ४४
१९ क
सम्प्रहृष्टांस्तानुपलभ्य
द्रोण पर्व
अध्याय १७
४ क
सम्प्रहृष्टाः
भीष्म पर्व
अध्याय ८१
३७ क
सम्प्रहृष्टाः
कर्ण पर्व
अध्याय ६५
१७ क
सम्प्रहृष्टानां
कर्ण पर्व
अध्याय २७
१६ ख
सम्प्रहृष्टानां
स्त्री पर्व
अध्याय १४
१६ ख
सम्प्रहृष्टान्महारथान्
शल्य पर्व
अध्याय २४
४५ क
सम्प्रहृष्टाश्च
द्रोण पर्व
अध्याय ११२
१४ ख
सम्प्रहृष्टेन
शान्ति पर्व
अध्याय १४५
११ क
सम्प्रहृष्टैः
अनुशासन पर्व
अध्याय १९
१८ ख
सम्प्रहृष्टो
सभा पर्व
अध्याय १
१२ क
सम्प्रहृष्टो
भीष्म पर्व
अध्याय ४३
५२ ख
सम्प्रहृष्टो
कर्ण पर्व
अध्याय ६३
८२ ग
सम्प्रहृष्टो
अनुशासन पर्व
अध्याय ७०
४४ क
सम्प्रहृष्टोऽव्रवीदिदम्
आदि पर्व
अध्याय ६९
३४ ख
सम्प्रहृष्टौ
शान्ति पर्व
अध्याय २५३
२६ ख
सम्प्रहृष्यत
अनुशासन पर्व
अध्याय १०
११ ख
सम्प्रहृष्यन्नरोत्तमाः
उद्योग पर्व
अध्याय १४९
४७ क
सम्प्राकम्पत
उद्योग पर्व
अध्याय ९२
२८ ख
सम्प्राक्रुष्टे
द्रोण पर्व
अध्याय २
२१ क
सम्प्राक्रोशन्कुरवः
द्रोण पर्व
अध्याय १५४
२१ क
सम्प्राक्षिपच्छनैः
शान्ति पर्व
अध्याय २७८
१९ ख
सम्प्रादाद्विधाता
शल्य पर्व
अध्याय ४४
३८ ग
सम्प्रादृश्यन्त
सभा पर्व
अध्याय ३६
८ ख
सम्प्राद्रवंश्चेदिपतिं
उद्योग पर्व
अध्याय २२
२७ ख
सम्प्राद्रवच्चमूः
वन पर्व
अध्याय २३१
१ ख
सम्प्राद्रवच्चमूः
द्रोण पर्व
अध्याय ३६
३४ ख
सम्प्राद्रवच्चमूः
द्रोण पर्व
अध्याय ४८
३२ ख
सम्प्राद्रवत
द्रोण पर्व
अध्याय २५
१८ क
सम्प्राद्रवत्सु
शल्य पर्व
अध्याय २९
३ क
सम्प्राद्रवत्सुसन्त्रस्ता
द्रोण पर्व
अध्याय १४८
१० ख
सम्प्राद्रवद्दिशो
भीष्म पर्व
अध्याय १०४
२२ ख
सम्प्राद्रवद्भय़ात्
शान्ति पर्व
अध्याय ११७
३५ ग
सम्प्राद्रवद्यत्र
वन पर्व
अध्याय ५
२० ख
सम्प्राद्रवद्रणात्
द्रोण पर्व
अध्याय १७२
४२ ख
सम्प्राद्रवद्रणे
द्रोण पर्व
अध्याय १४३
२१ ख
सम्प्राद्रवद्राजन्नुत्सृज्योल्काः
द्रोण पर्व
अध्याय १४७
१८ ख
सम्प्राद्रवद्वलं
द्रोण पर्व
अध्याय १४२
४४ ख
सम्प्राद्रवन्त
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
१२१ ग
सम्प्राद्रवन्दानवेन्द्रा
वन पर्व
अध्याय १८
१८ ख
सम्प्राद्रवन्दिशः
द्रोण पर्व
अध्याय १७१
६७ ख
सम्प्राद्रवन्महाराज
द्रोण पर्व
अध्याय ६५
३१ ख
सम्प्राद्रवन्यतो
वन पर्व
अध्याय २२९
२९ ख
सम्प्राद्रवन्योधाः
द्रोण पर्व
अध्याय ७
११ ख
सम्प्राद्रवन्राजन्भय़ाज्जीवितकाङ्क्षिणः
शान्ति पर्व
अध्याय ११७
३७ ख
सम्प्राद्रवन्हते
शल्य पर्व
अध्याय १८
९ ख
सम्प्राप
उद्योग पर्व
अध्याय ७
२० ख
सम्प्रापतुर्महतीं
शान्ति पर्व
अध्याय ७४
१२ क
सम्प्राप्त
आदि पर्व
अध्याय ९३
३२ ख
सम्प्राप्त
वन पर्व
अध्याय २६६
६८ ख
सम्प्राप्त
उद्योग पर्व
अध्याय ६४
१५ ख
सम्प्राप्त
द्रोण पर्व
अध्याय ७७
७ क
सम्प्राप्त
शान्ति पर्व
अध्याय ४९
१३ ख
सम्प्राप्तं
आदि पर्व
अध्याय १०५
२३ क
सम्प्राप्तं
आदि पर्व
अध्याय १०९
३० ख
सम्प्राप्तं
आदि पर्व
अध्याय २१३
२२ क
सम्प्राप्तं
आदि पर्व
अध्याय २२४
३० क
सम्प्राप्तं
वन पर्व
अध्याय ४९
३० क
सम्प्राप्तं
वन पर्व
अध्याय ४९
३७ ख
सम्प्राप्तं
वन पर्व
अध्याय २४७
१ ख
सम्प्राप्तं
वन पर्व
अध्याय २६२
३१ क
सम्प्राप्तं
उद्योग पर्व
अध्याय १४४
२१ ख
सम्प्राप्तं
भीष्म पर्व
अध्याय ५१
४१ क
सम्प्राप्तं
भीष्म पर्व
अध्याय ६१
२० ख
सम्प्राप्तं
भीष्म पर्व
अध्याय ८०
४७ ख
सम्प्राप्तं
द्रोण पर्व
अध्याय १०५
१४ ख
सम्प्राप्तं
द्रोण पर्व
अध्याय १०६
२८ क
सम्प्राप्तं
द्रोण पर्व
अध्याय १६५
९३ ख
सम्प्राप्तं
द्रोण पर्व
अध्याय १६६
३० ख
सम्प्राप्तं
शान्ति पर्व
अध्याय १०५
१० क
सम्प्राप्तं
शान्ति पर्व
अध्याय १६२
४८ ख
सम्प्राप्तं
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
१९ ख