सर्वमुक्तवान्ग्रहणं
शल्य पर्व
अध्याय २८
४३ क
सर्वमुक्तवान्यत्सुतस्तव
स्त्री पर्व
अध्याय १४
५ ख
सर्वमुक्तस्य
अनुशासन पर्व
अध्याय १७
१५९ क
सर्वमुच्छिष्टेनात्मनस्ततः
वन पर्व
अध्याय २४६
१७ क
सर्वमुच्छेदनिष्ठं
शान्ति पर्व
अध्याय २१२
३ क
सर्वमुत्साद्य
आदि पर्व
अध्याय ५५
४२ क
सर्वमुत्सृज्य
आदि पर्व
अध्याय ११०
३८ ख
सर्वमुत्सृज्य
शान्ति पर्व
अध्याय १८
२० क
सर्वमुत्सृज्य
अनुशासन पर्व
अध्याय १३०
५६ ख
सर्वमुद्धूत
विराट पर्व
अध्याय ५३
१० ख
सर्वमुपदेशं
अनुशासन पर्व
अध्याय ६७
२५ क
सर्वमुपन्यस्तमग्रतश्च्यवनस्य
अनुशासन पर्व
अध्याय ५३
२० क
सर्वमुपभुज्य
आदि पर्व
अध्याय २१०
१० क
सर्वमुपार्जितम्
आदि पर्व
अध्याय १४८
१३ क
सर्वमुभौ
वन पर्व
अध्याय २६२
१५ ख
सर्वमूर्तिरमूर्तिमान्
शान्ति पर्व
अध्याय २९१
३९ ख
सर्वमूर्तिर्महाप्रभुः
शान्ति पर्व
अध्याय ३२६
१६ ख
सर्वमूर्धाभिषिक्तानामाचार्यः
उद्योग पर्व
अध्याय १६४
१५ क
सर्वमूर्धाभिषिक्तानामेष
सभा पर्व
अध्याय १७
१४ क
सर्वमूर्धावसिक्तानामाचार्यो
द्रोण पर्व
अध्याय ३८
१६ क
सर्वमूषतुर्मुदितौ
वन पर्व
अध्याय ७५
२४ ख
सर्वमृते
द्रोण पर्व
अध्याय १६२
२० ख
सर्वमृषिस्तच्चाभ्यनन्दत
अनुशासन पर्व
अध्याय ४२
११ ख
सर्वमृषय़े
आदि पर्व
अध्याय ८९
३७ ग
सर्वमृषय़ो
आदि पर्व
अध्याय १
३२ क
सर्वमेकार्णवं
वन पर्व
अध्याय १८७
४२ क
सर्वमेके
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४८
२३ ख
सर्वमेकैकस्य
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १८
२६ ख
सर्वमेत;
उद्योग पर्व
अध्याय २९
४० क
सर्वमेत;
शान्ति पर्व
अध्याय १९४
९ क
सर्वमेतच्चिकीर्षति
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३०
६ क
सर्वमेतत्करिष्यसि
वन पर्व
अध्याय ६४
५ क
सर्वमेतत्करिष्यामि
सभा पर्व
अध्याय २३
२६ ख
सर्वमेतत्करिष्यामि
वन पर्व
अध्याय ६२
४१ ख
सर्वमेतत्करिष्यामि
कर्ण पर्व
अध्याय २२
५९ क
सर्वमेतत्केशवं
अनुशासन पर्व
अध्याय १४३
४१ ख
सर्वमेतत्ततो
अनुशासन पर्व
अध्याय ५३
३२ ख
सर्वमेतत्तथा
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १५
१४ क
सर्वमेतत्तदा
सभा पर्व
अध्याय ३०
५ ख
सर्वमेतत्तदार्चिर्भिः
शान्ति पर्व
अध्याय २२४
७५ ख
सर्वमेतत्तपोमूलं
शान्ति पर्व
अध्याय १५५
१ क
सर्वमेतत्तमो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३६
३४ ख
सर्वमेतत्तवानघ
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५२
१६ ग
सर्वमेतत्तवेप्सितम्
भीष्म पर्व
अध्याय ६२
२ क
सर्वमेतत्ते
वन पर्व
अध्याय १९४
३ ख
सर्वमेतत्ते
शान्ति पर्व
अध्याय ३०२
१८ ख
सर्वमेतत्त्वय़ि
शान्ति पर्व
अध्याय ३१
८ ख
सर्वमेतत्त्वय़ि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७
१९ क
सर्वमेतत्परोक्षं
आदि पर्व
अध्याय ६८
८० क
सर्वमेतत्पुरुषसत्तम
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४५
३७ क
सर्वमेतत्प्रतिष्ठितम्
शान्ति पर्व
अध्याय २८
१९ ख
सर्वमेतत्प्रतीहि
अनुशासन पर्व
अध्याय १४३
२८ ख
सर्वमेतत्प्रतीहि
अनुशासन पर्व
अध्याय १४३
३० ख
सर्वमेतत्प्रदास्यामि
सभा पर्व
अध्याय ३
७ ख
सर्वमेतत्प्रसङ्ख्याय़
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४६
५३ क
सर्वमेतत्समाचर
वन पर्व
अध्याय १८९
२७ ख
सर्वमेतत्सुखाय़
आदि पर्व
अध्याय १४४
८ ख
सर्वमेतदतिक्रम्य
उद्योग पर्व
अध्याय ७८
४ क
सर्वमेतदतिक्रम्य
उद्योग पर्व
अध्याय १५१
५ क
सर्वमेतदनुष्ठितम्
द्रोण पर्व
अध्याय १६८
११ ख
सर्वमेतदनुष्ठितम्
शान्ति पर्व
अध्याय २७४
२५ क
सर्वमेतदपत्यस्य
सभा पर्व
अध्याय ३८
२६ ख
सर्वमेतदपश्यत
आदि पर्व
अध्याय १७३
२१ क
सर्वमेतदपार्थं
वन पर्व
अध्याय २०५
९ ख
सर्वमेतदभोक्तव्यमन्नं
उद्योग पर्व
अध्याय ८९
३२ क
सर्वमेतदरिन्दम
वन पर्व
अध्याय ७४
१४ क
सर्वमेतदवज्ञाय़
अनुशासन पर्व
अध्याय १०३
१० ख
सर्वमेतदवाप्नोति
अनुशासन पर्व
अध्याय १२३
६ ख
सर्वमेतदवाप्स्यसि
कर्ण पर्व
अध्याय २४
१३४ ख
सर्वमेतदशेषेण
अनुशासन पर्व
अध्याय ९७
४ ख
सर्वमेतदसंशय़म्
शान्ति पर्व
अध्याय २९८
७ ख
सर्वमेतदहं
उद्योग पर्व
अध्याय ९१
४ ख
सर्वमेतदाहुः
शान्ति पर्व
अध्याय २९२
२६ ख
सर्वमेतदुपश्रुतम्
वन पर्व
अध्याय ८०
११ ख
सर्वमेतदृतं
भीष्म पर्व
अध्याय ३२
१४ क
सर्वमेतद्धि
वन पर्व
अध्याय १९२
२५ क
सर्वमेतद्धि
अनुशासन पर्व
अध्याय ६२
३४ क
सर्वमेतद्धृषीकेशे
सभा पर्व
अध्याय ३५
२१ ख
सर्वमेतद्भविष्यति
उद्योग पर्व
अध्याय १८८
१४ क
सर्वमेतद्भविष्यति
उद्योग पर्व
अध्याय १९२
१३ ख
सर्वमेतद्यथा
वन पर्व
अध्याय २७७
४ ख
सर्वमेतद्यथातथम्
सभा पर्व
अध्याय ३४
२२ ख
सर्वमेतद्यथातथम्
भीष्म पर्व
अध्याय १०३
७६ ख
सर्वमेतद्यथातथम्
शान्ति पर्व
अध्याय २७८
६ क
सर्वमेतद्यथात्थ
वन पर्व
अध्याय ४६
१९ ख
सर्वमेतद्यथावृत्तमाचचक्षेऽस्य
वन पर्व
अध्याय ६०
३० ख
सर्वमेतद्यथावेद्य
सभा पर्व
अध्याय १
१३ ख
सर्वमेतद्यथाशक्ति
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४५
२५ क
सर्वमेतद्वदस्व
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
११ ख
सर्वमेतद्वदस्व
अनुशासन पर्व
अध्याय ११७
५ ख
सर्वमेतद्वदस्व
अनुशासन पर्व
अध्याय १४३
२ ख
सर्वमेतद्वसिष्ठस्य
आदि पर्व
अध्याय १७२
१३ ग
सर्वमेतद्विजानन्तो
शान्ति पर्व
अध्याय २९४
४८ क
सर्वमेतद्विनाशान्तं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४४
२० ख
सर्वमेतद्व्यवसाय़ेन
शान्ति पर्व
अध्याय १२०
४३ क
सर्वमेतद्व्रवीमि
आदि पर्व
अध्याय १८७
११ क
सर्वमेतद्व्रवीहि
शान्ति पर्व
अध्याय २७८
४ ख
सर्वमेतद्व्रवीहि
अनुशासन पर्व
अध्याय ८१
५ ख
सर्वमेतद्व्रवीहि
अनुशासन पर्व
अध्याय ८४
६७ ख
सर्वमेतन्न
उद्योग पर्व
अध्याय २१
४ क