सर्वरूपं
द्रोण पर्व
अध्याय १७२
८७ क
सर्वरूपगुणान्विता
आदि पर्व
अध्याय ८
१० क
सर्वरूपो
अनुशासन पर्व
अध्याय १७
३४ क
सर्वर्तको
वन पर्व
अध्याय १८७
१७ क
सर्वर्तु
उद्योग पर्व
अध्याय ८४
२० ख
सर्वर्तुकुसुमं
भीष्म पर्व
अध्याय ७
२२ क
सर्वर्तुकुसुमान्वितः
वन पर्व
अध्याय ९७
२६ क
सर्वर्तुकुसुमैः
वन पर्व
अध्याय ४४
१ ख
सर्वर्तुकुसुमैर्युक्तान्स्निग्धपत्रान्सुशाखिनः
अनुशासन पर्व
अध्याय १४
१९९ ख
सर्वर्तुकुसुमोद्भवम्
वन पर्व
अध्याय १४६
२१ क
सर्वर्तुकुसुमोपेताः
शान्ति पर्व
अध्याय २७४
११ ख
सर्वर्तुकैराम्रवनैः
शान्ति पर्व
अध्याय १६३
७ क
सर्वर्तुगुणसम्पन्नां
सभा पर्व
अध्याय १
१९ क
सर्वर्तुगुणसम्पन्नाञ्शिल्पिनोऽथ
सभा पर्व
अध्याय ३०
४७ ग
सर्वर्तुफलपुष्पाढ्यं
वन पर्व
अध्याय १५५
६४ ख
सर्वर्तुफलपुष्पेषु
आदि पर्व
अध्याय १४३
२६ क
सर्वर्तुफलभाराढ्यान्सर्वर्तुकुसुमोज्ज्वलान्
वन पर्व
अध्याय १५५
३९ क
सर्वर्तुभिर्मूलफलैः
अनुशासन पर्व
अध्याय २०
३१ ख
सर्वर्तुरमणीय़ेषु
वन पर्व
अध्याय १४६
१९ क
सर्वर्तुसलिलां
सभा पर्व
अध्याय ३
२९ क
सर्वर्त्विजः
आदि पर्व
अध्याय ५०
९ ख
सर्वर्द्धिगुणसम्पन्नास्ते
आदि पर्व
अध्याय १
१८२ ख
सर्वलक्षणपूजितम्
सभा पर्व
अध्याय ६३
११ क
सर्वलक्षणपूजिता
आदि पर्व
अध्याय ६०
५७ ख
सर्वलक्षणपूजिताम्
आदि पर्व
अध्याय ६८
१० ग
सर्वलक्षणपूजिताम्
आदि पर्व
अध्याय १३८
१६ ख
सर्वलक्षणपूजिते
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८९
४ ख
सर्वलक्षणभूषितः
अनुशासन पर्व
अध्याय १७
११८ ख
सर्वलक्षणलक्षण्यो
अनुशासन पर्व
अध्याय १३५
५२ ख
सर्वलक्षणलक्षितम्
आदि पर्व
अध्याय २१३
६८ क
सर्वलक्षणसम्पन्नं
वन पर्व
अध्याय २१८
२ ख
सर्वलक्षणसम्पन्नं
उद्योग पर्व
अध्याय ८०
३४ क
सर्वलक्षणसम्पन्नं
शल्य पर्व
अध्याय ५
१३ क
सर्वलक्षणसम्पन्ना
आदि पर्व
अध्याय ६१
९७ क
सर्वलक्षणसम्पन्ना
विराट पर्व
अध्याय २७
४ ख
सर्वलक्षणसम्पन्नां
आदि पर्व
अध्याय ६०
५९ ख
सर्वलक्षणसम्पन्नां
उद्योग पर्व
अध्याय ११
१७ क
सर्वलक्षणहीनोऽपि
अनुशासन पर्व
अध्याय १०७
१३ क
सर्वलाभाद्विशिष्यते
अनुशासन पर्व
अध्याय ६७
३३ ख
सर्वलाभानां
वन पर्व
अध्याय २९४
५ ख
सर्वलासकः
अनुशासन पर्व
अध्याय १७
४९ ख
सर्वलिङ्गिप्रदाता;
शान्ति पर्व
अध्याय ६१
१२ ख
सर्वलिप्साविवर्जिताः
अनुशासन पर्व
अध्याय १३२
५ क
सर्वलोकं
शान्ति पर्व
अध्याय ८४
४२ क
सर्वलोकः
सभा पर्व
अध्याय ३२
९ क
सर्वलोकः
उद्योग पर्व
अध्याय ३३
८५ ख
सर्वलोकः
शान्ति पर्व
अध्याय २७०
२२ क
सर्वलोककृतोद्यमम्
वन पर्व
अध्याय १८७
३४ ख
सर्वलोककृत्
अनुशासन पर्व
अध्याय १७
१२९ ख
सर्वलोकक्रिय़ाश्च;
शान्ति पर्व
अध्याय ६३
१० ख
सर्वलोकक्षय़ो
शल्य पर्व
अध्याय ४६
१४ ख
सर्वलोकक्षय़ोदय़म्
उद्योग पर्व
अध्याय १५६
१३ क
सर्वलोकगुरुः
द्रोण पर्व
अध्याय ९०
३ क
सर्वलोकगुरुर्येषां
द्रोण पर्व
अध्याय १२४
५ ख
सर्वलोकचरं
अनुशासन पर्व
अध्याय ७७
२ क
सर्वलोकजित्
वन पर्व
अध्याय १३
१७ क
सर्वलोकतमोहन्ता
शान्ति पर्व
अध्याय ३३२
१३ ग
सर्वलोकदुरत्ययः
भीष्म पर्व
अध्याय १५
५६ क
सर्वलोकदृक्
शान्ति पर्व
अध्याय २००
४४ ख
सर्वलोकद्वाराणि
वन पर्व
अध्याय २५
७ क
सर्वलोकधनुर्धरौ
द्रोण पर्व
अध्याय १४७
९ क
सर्वलोकधनुर्भृतः
द्रोण पर्व
अध्याय ८
२१ क
सर्वलोकनमस्कृतः
वन पर्व
अध्याय ३८
४२ ख
सर्वलोकनमस्कृतः
उद्योग पर्व
अध्याय १०
८ ख
सर्वलोकनमस्कृतः
कर्ण पर्व
अध्याय २२
४७ ख
सर्वलोकनमस्कृतः
शान्ति पर्व
अध्याय २०२
३३ क
सर्वलोकनमस्कृतः
शान्ति पर्व
अध्याय २७२
२५ क
सर्वलोकनमस्कृतः
अनुशासन पर्व
अध्याय १३३
३० क
सर्वलोकनमस्कृतम्
वन पर्व
अध्याय ८३
२२ ख
सर्वलोकनमस्कृताः
अनुशासन पर्व
अध्याय ५१
३० ख
सर्वलोकनिदर्शने
शान्ति पर्व
अध्याय २५८
१९ क
सर्वलोकपतिर्विभुः
शान्ति पर्व
अध्याय ३३६
३४ ख
सर्वलोकपराभवः
शान्ति पर्व
अध्याय १२८
२३ क
सर्वलोकपराभवम्
आदि पर्व
अध्याय १७०
९ ख
सर्वलोकपरिश्रुता
आदि पर्व
अध्याय २२४
२७ क
सर्वलोकपरिश्रुता
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २९
१८ ख
सर्वलोकपितामहः
आदि पर्व
अध्याय २०१
१६ ख
सर्वलोकपितामहः
आदि पर्व
अध्याय २०४
२४ क
सर्वलोकपितामहः
वन पर्व
अध्याय १०५
६ क
सर्वलोकपितामहः
वन पर्व
अध्याय १८७
३८ क
सर्वलोकपितामहः
वन पर्व
अध्याय १८७
३९ ख
सर्वलोकपितामहः
भीष्म पर्व
अध्याय ६३
१७ क
सर्वलोकपितामहः
कर्ण पर्व
अध्याय २५
१ क
सर्वलोकपितामहः
शल्य पर्व
अध्याय ३९
२८ ख
सर्वलोकपितामहः
शल्य पर्व
अध्याय ४६
२१ क
सर्वलोकपितामहः
शान्ति पर्व
अध्याय १६०
२१ क
सर्वलोकपितामहः
शान्ति पर्व
अध्याय ३२७
४६ क
सर्वलोकपितामहः
अनुशासन पर्व
अध्याय १७
२० क
सर्वलोकपितामहम्
कर्ण पर्व
अध्याय २४
७ ख
सर्वलोकपितामहम्
शल्य पर्व
अध्याय ४६
१३ ख
सर्वलोकपितामहम्
अनुशासन पर्व
अध्याय १२६
३४ ख
सर्वलोकपितामहे
वन पर्व
अध्याय १८७
४६ क
सर्वलोकप्रजापतिः
अनुशासन पर्व
अध्याय १७
३३ ख
सर्वलोकप्रतापिनः
वन पर्व
अध्याय ४२
२० क
सर्वलोकप्रभावनः
उद्योग पर्व
अध्याय १०६
३ क
सर्वलोकप्रमोहार्थं
सौप्तिक पर्व
अध्याय १३
१९ ख
सर्वलोकप्रहर्षणम्
सभा पर्व
अध्याय ६१
४७ क
सर्वलोकप्रिय़े
भीष्म पर्व
अध्याय ११४
३९ ख
सर्वलोकमनोहरौ
आदि पर्व
अध्याय ६१
८५ ख
सर्वलोकमहारथः
कर्ण पर्व
अध्याय २३
११ ख