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सर्वान्कामान्परित्यज्य
शान्ति पर्व
अध्याय १७१
५३ ख
सर्वान्कामान्प्राप्नुवन्तीह
शान्ति पर्व
अध्याय १३९
७४ ख
सर्वान्कामान्प्रय़च्छन्ति
अनुशासन पर्व
अध्याय ६४
१ क
सर्वान्कामान्महातेजाः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १
१६ ख
सर्वान्कामान्विधास्यामि
अनुशासन पर्व
अध्याय २०
५७ क
सर्वान्कामान्समश्नुते
अनुशासन पर्व
अध्याय ८५
६६ ख
सर्वान्कामय़ते
वन पर्व
अध्याय २९१
१३ क
सर्वान्किमिदं
शल्य पर्व
अध्याय ६४
१४ ख
सर्वान्कुरु
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १०
२४ ख
सर्वान्कुरून्वाह्लिकांश्चाभिपत्य
कर्ण पर्व
अध्याय ५२
३२ क
सर्वान्कुवेर
शान्ति पर्व
अध्याय ६७
२५ ख
सर्वान्कुशलं
उद्योग पर्व
अध्याय ३०
४४ ख
सर्वान्कुशलं
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३२
१७ ख
सर्वान्कुशलिनो
आदि पर्व
अध्याय १९२
२१ ख
सर्वान्कुशलिनो
वन पर्व
अध्याय ६६
२३ क
सर्वान्कृतवानल्पजीवितान्
विराट पर्व
अध्याय ५४
५ क
सर्वान्क्रतुभिः
शान्ति पर्व
अध्याय २५
८ क
सर्वान्क्रमेण
वन पर्व
अध्याय ६५
२९ ख
सर्वान्क्षत्रिय़ांश्च
शल्य पर्व
अध्याय ३३
१२ क
सर्वान्क्षपय़ेत्परमास्त्रवित्
द्रोण पर्व
अध्याय १६४
६४ क
सर्वान्गमिष्यामि
उद्योग पर्व
अध्याय १२९
३१ ख
सर्वान्गमिष्यामि
शान्ति पर्व
अध्याय ७
३६ ख
सर्वान्गान्धारीसहितोऽनघाः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १४
१६ ख
सर्वान्गुणानेतान्यथोक्तान्योऽनुवर्तते
शान्ति पर्व
अध्याय ७१
१३ क
सर्वान्गुणानेष
उद्योग पर्व
अध्याय ३५
४६ ख
सर्वान्गुणान्वुद्धेश्च
शान्ति पर्व
अध्याय २९०
८७ ख
सर्वान्दशिष्यामः
आदि पर्व
अध्याय ३३
१८ ख
सर्वान्दानवान्मघवानिव
वन पर्व
अध्याय १५८
६ ख
सर्वान्दानवान्माय़यावृतान्
वन पर्व
अध्याय १६८
३० ख
सर्वान्दाय़ान्सुरेश्वरः
वन पर्व
अध्याय २१८
९ ख
सर्वान्दिवौकसः
वन पर्व
अध्याय ४०
५४ ख
सर्वान्दीप्तौजा
आदि पर्व
अध्याय १६५
४४ ख
सर्वान्दुर्योधनानुजान्
भीष्म पर्व
अध्याय ७३
५ ख
सर्वान्दुर्लभं
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४४
३५ क
सर्वान्देवऋषींस्तथा
स्त्री पर्व
अध्याय ८
२० ग
सर्वान्देवरूपानवस्थितान्
आदि पर्व
अध्याय १७५
१८ क
सर्वान्देवान्नमस्यन्ति
शान्ति पर्व
अध्याय १११
१७ क
सर्वान्देवान्नमस्यन्ति
अनुशासन पर्व
अध्याय ३२
२९ क
सर्वान्दैतेय़ान्वै
कर्ण पर्व
अध्याय २२
३८ ग
सर्वान्द्रवतो
विराट पर्व
अध्याय ६०
१४ क
सर्वान्द्रोणोऽजय़द्युद्धे
द्रोण पर्व
अध्याय २०
५१ ख
सर्वान्द्रौणिरपोथय़त्
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
१२३ ख
सर्वान्द्रौणेर्वाणान्महात्मनः
कर्ण पर्व
अध्याय १५
२५ क
सर्वान्द्वादशभिः
भीष्म पर्व
अध्याय ७५
४७ ख
सर्वान्द्विजांश्चैव
वन पर्व
अध्याय ४७
१० क
सर्वान्द्विजान्वृद्धाञ्श्वश्रूं
वन पर्व
अध्याय २८०
११ क
सर्वान्द्विरदान्क्रोधमूर्छितः
अनुशासन पर्व
अध्याय ८४
३४ क
सर्वान्द्विषतः
वन पर्व
अध्याय २५३
१४ ग
सर्वान्द्विषतो
उद्योग पर्व
अध्याय २५
९ क
सर्वान्द्वेष्यान्प्रद्विषते
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २८
२ क
सर्वान्धनुर्ग्राहान्सूतपुत्रस्य
वन पर्व
अध्याय ३७
१८ ख
सर्वान्धर्मांश्च
शान्ति पर्व
अध्याय १११
१७ क
सर्वान्धर्मादीन्कामनैष्ठिकान्
शान्ति पर्व
अध्याय १२३
७ ख
सर्वान्धर्माननुसृत्यैतदुक्तम्
शान्ति पर्व
अध्याय १०९
२८ ख
सर्वान्धार्तराष्ट्रान्पराङ्मुखान्
वन पर्व
अध्याय २३०
११ क
सर्वान्धार्तराष्ट्रान्पराङ्मुखान्
वन पर्व
अध्याय २३१
२ क
सर्वान्धृतराष्ट्रपुत्रां;
भीष्म पर्व
अध्याय ५५
८५ क
सर्वान्धृतानाहुर्मनीषिणः
शान्ति पर्व
अध्याय १२
११ क
सर्वान्न
आदि पर्व
अध्याय ११
१२ ख
सर्वान्न
द्रोण पर्व
अध्याय १६४
६८ ख
सर्वान्न
द्रोण पर्व
अध्याय १६५
११० ख
सर्वान्न
कर्ण पर्व
अध्याय १८
४६ ख
सर्वान्नः
द्रोण पर्व
अध्याय ५१
९ ख
सर्वान्नः
अनुशासन पर्व
अध्याय ३५
२ क
सर्वान्नक्षीरभोजनाः
कर्ण पर्व
अध्याय ३०
४० क
सर्वान्नरव्याघ्रो
द्रोण पर्व
अध्याय १०
३५ क
सर्वान्नरश्रेष्ठः
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७६
३० क
सर्वान्नस्त्रातुमर्हसि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६५
१९ ख
सर्वान्नानात्वय़ुक्तांश्च
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३४
९ क
सर्वान्नामाभिनामतः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३२
४ क
सर्वान्नावधीद्व्यक्तमर्जुनः
कर्ण पर्व
अध्याय २२
१ क
सर्वान्निभृतान्गतचेतसः
मौसल पर्व
अध्याय ८
९ क
सर्वान्निर्जितान्सुमहारथान्
भीष्म पर्व
अध्याय ६१
२४ ख
सर्वान्निर्मुक्ताञ्जातवेदसः
आदि पर्व
अध्याय २२४
१८ क
सर्वान्निर्विशेषाकृतीन्स्थितान्
वन पर्व
अध्याय ५४
११ क
सर्वान्निवार्य
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७७
५ क
सर्वान्निहनिष्यति
शल्य पर्व
अध्याय ७
१६ ग
सर्वान्नुदामि
विराट पर्व
अध्याय ४०
२ ख
सर्वान्नृपतिसत्तमान्
आदि पर्व
अध्याय १६४
११ क
सर्वान्नृपतीन्भुक्त्वा
शल्य पर्व
अध्याय ५५
३ क
सर्वान्नृपतीन्विराटप्रमुखांस्तदा
उद्योग पर्व
अध्याय १४५
३ क
सर्वान्नृपांश्चाप्यजय़ं
उद्योग पर्व
अध्याय १७०
१८ ख
सर्वान्नृपोत्तम
सभा पर्व
अध्याय २३
३ ख
सर्वान्नेष्यामि
आदि पर्व
अध्याय १४३
११ क
सर्वान्नो
वन पर्व
अध्याय १४४
२४ ख
सर्वान्नो
उद्योग पर्व
अध्याय १६
२१ ख
सर्वान्नो
भीष्म पर्व
अध्याय ६७
२ ख
सर्वान्नो
अनुशासन पर्व
अध्याय ३५
३ क
सर्वान्परमहृष्टवत्
आदि पर्व
अध्याय ३०
१४ ख
सर्वान्परिग्लानान्विदित्वा
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७७
२२ क
सर्वान्परिचिक्षेप
द्रोण पर्व
अध्याय २५
३८ ख
सर्वान्परिहसन्कुरून्
उद्योग पर्व
अध्याय ८७
२० क
सर्वान्पलय़िष्यति
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
१०३ क
सर्वान्पश्य
शान्ति पर्व
अध्याय १५
२२ क
सर्वान्पश्यतः
द्रोण पर्व
अध्याय १५८
३८ क
सर्वान्पाञ्चालान्पाण्डवैः
द्रोण पर्व
अध्याय १२५
२५ क
सर्वान्पाञ्चालान्पाण्डुभिः
कर्ण पर्व
अध्याय ४५
३२ ख
सर्वान्पाञ्चालान्सह
शल्य पर्व
अध्याय ६
११ क
सर्वान्पाण्डवांश्चामितौजसः
शल्य पर्व
अध्याय ३३
११ ख
सर्वान्पाण्डवान्पुत्रगृद्धिनः
स्त्री पर्व
अध्याय २२
१७ क