सुमहानादं
द्रोण पर्व
अध्याय ११२
३३ क
सुमहानादं
द्रोण पर्व
अध्याय १३५
५२ ख
सुमहानादं
द्रोण पर्व
अध्याय १४१
३८ ख
सुमहानादैरापूर्य
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३०
१८ ख
सुमहानापतन्तं
आदि पर्व
अध्याय २५
३१ ख
सुमहानासं
अनुशासन पर्व
अध्याय १४
१०८ क
सुमहानासीत्तस्य
भीष्म पर्व
अध्याय ९६
३१ क
सुमहानासीत्प्रजानामिति
आदि पर्व
अध्याय ८९
३१ ख
सुमहानासीत्प्राय़ः
कर्ण पर्व
अध्याय ३३
६६ ग
सुमहानासीत्सम्प्रहारे
विराट पर्व
अध्याय ३३
६ ख
सुमहानासीदनय़ान्मत्कृतादथ
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १४
५ ख
सुमहानासीदल्पानां
भीष्म पर्व
अध्याय ५०
१४ क
सुमहानासीद्धनपतेरिव
उद्योग पर्व
अध्याय ११२
८ क
सुमहानासीद्वै
अनुशासन पर्व
अध्याय ५२
५ क
सुमहानासीन्मधुकैटभय़ोस्तदा
वन पर्व
अध्याय १९४
१६ क
सुमहानिह
उद्योग पर्व
अध्याय १०
१८ ख
सुमहानिह
द्रोण पर्व
अध्याय ५३
५ ख
सुमहानुभावो;
कर्ण पर्व
अध्याय ६२
५७ ख
सुमहानृषिरेव
वन पर्व
अध्याय २०१
१२ ख
सुमहानेष
शल्य पर्व
अध्याय ४
३० ख
सुमहानेष
अनुशासन पर्व
अध्याय १९
३ क
सुमहानेष
अनुशासन पर्व
अध्याय ७०
५४ ख
सुमहान्कालो
वन पर्व
अध्याय १०५
२३ ख
सुमहान्कालो
अनुशासन पर्व
अध्याय १०
२० ख
सुमहान्कालोऽगात्पुरुषर्षभ
शल्य पर्व
अध्याय ४७
२० क
सुमहान्कुरूणां
उद्योग पर्व
अध्याय ५९
२२ क
सुमहान्कृतः
सभा पर्व
अध्याय ४२
३६ ग
सुमहान्कृतः
द्रोण पर्व
अध्याय १६७
३३ ख
सुमहान्कैलासो
भीष्म पर्व
अध्याय ७
३९ क
सुमहान्क्षय़ः
उद्योग पर्व
अध्याय ९३
२८ क
सुमहान्गुणः
शान्ति पर्व
अध्याय १५४
३५ क
सुमहान्गुणः
अनुशासन पर्व
अध्याय ८४
४६ ग
सुमहान्घोरो
शान्ति पर्व
अध्याय १४२
४३ ख
सुमहान्तं
आदि पर्व
अध्याय २१७
१४ ख
सुमहान्तं
सभा पर्व
अध्याय १९
१८ क
सुमहान्तं
वन पर्व
अध्याय १८६
८१ ख
सुमहान्तं
उद्योग पर्व
अध्याय १६२
२९ ख
सुमहान्तं
कर्ण पर्व
अध्याय १
१६ क
सुमहान्तं
सौप्तिक पर्व
अध्याय १७
१२ क
सुमहान्तं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३
१२ क
सुमहान्तं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६०
२० क
सुमहान्तं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९१
२८ ख
सुमहान्तः
अनुशासन पर्व
अध्याय १०५
३२ ख
सुमहान्तमपि
शान्ति पर्व
अध्याय १७२
१९ क
सुमहान्ति
द्रोण पर्व
अध्याय ८०
३० क
सुमहान्ति
द्रोण पर्व
अध्याय १०५
४ क
सुमहान्ति
शान्ति पर्व
अध्याय १९३
१० क
सुमहान्त्यपि
वन पर्व
अध्याय ४३
३० ख
सुमहान्त्यपि
वन पर्व
अध्याय १६६
१२ ख
सुमहान्त्यपि
उद्योग पर्व
अध्याय ८७
९ क
सुमहान्त्यपि
शान्ति पर्व
अध्याय १५२
१५ क
सुमहान्दिव्यो
भीष्म पर्व
अध्याय ७
४० ख
सुमहान्दोषो
वन पर्व
अध्याय १७२
१९ ख
सुमहान्धर्मो
अनुशासन पर्व
अध्याय ११६
४६ ख
सुमहान्नन्दनोपमः
भीष्म पर्व
अध्याय ७
२९ ख
सुमहान्निनदश्चैव
द्रोण पर्व
अध्याय ८५
६८ क
सुमहान्निविष्टो;
अनुशासन पर्व
अध्याय ११
१९ ख
सुमहान्निस्वनोऽभवत्
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २२
१ ख
सुमहान्पर्वतो
वन पर्व
अध्याय १४६
५८ ख
सुमहान्पाण्डवान्तःपुरेऽभवत्
सभा पर्व
अध्याय ७०
२ ख
सुमहान्पादस्तत्र
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४
२५ ख
सुमहान्प्राप्तस्त्वय़ा
शल्य पर्व
अध्याय ६२
१६ ख
सुमहान्प्राप्तो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १४
८ क
सुमहान्भर्तुः
आदि पर्व
अध्याय १४६
३४ ख
सुमहान्भवेत्
अनुशासन पर्व
अध्याय ४७
३० ख
सुमहान्भवेत्
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९४
१५ ख
सुमहान्भावी
उद्योग पर्व
अध्याय १५४
२६ ख
सुमहान्भावी
अनुशासन पर्व
अध्याय ९८
१७ ख
सुमहान्भीतस्य
भीष्म पर्व
अध्याय ६०
५९ ख
सुमहान्मनसोऽद्य
वन पर्व
अध्याय १४९
१४ क
सुमहान्मम
शान्ति पर्व
अध्याय १३९
५८ क
सुमहान्मम
अनुशासन पर्व
अध्याय १२२
५ क
सुमहान्महेन्द्रस्य
उद्योग पर्व
अध्याय १३
१६ क
सुमहान्मुहूर्तमपि
आदि पर्व
अध्याय १५४
२५ क
सुमहान्मय़ा
शान्ति पर्व
अध्याय १६५
२८ ख
सुमहान्यच्च
अनुशासन पर्व
अध्याय १४६
८ क
सुमहान्यश्चान्यो
शान्ति पर्व
अध्याय ९९
१२ ख
सुमहान्युय़ुधानाद्य
द्रोण पर्व
अध्याय १५७
४२ क
सुमहान्राजन्कुरूनागादतन्द्रितः
भीष्म पर्व
अध्याय ११४
१०५ ख
सुमहान्राजन्दिशः
द्रोण पर्व
अध्याय ७९
२० क
सुमहान्राज्ञामासीद्युधिष्ठिर
शान्ति पर्व
अध्याय ४
१५ क
सुमहान्रुदितस्वनः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४५
४२ क
सुमहान्रोमहर्षणः
शल्य पर्व
अध्याय २२
६६ ग
सुमहान्वभूव;
कर्ण पर्व
अध्याय ६६
४ क
सुमहान्वलौघानां
कर्ण पर्व
अध्याय ३५
५३ क
सुमहान्वाजिनां
भीष्म पर्व
अध्याय १०१
१३ क
सुमहान्वेलामासाद्य
वन पर्व
अध्याय ६२
५ ख
सुमहान्स
कर्ण पर्व
अध्याय १८
६९ ख
सुमहान्स
शान्ति पर्व
अध्याय ६०
४४ ख
सुमहान्संनिपातोऽभूद्धनञ्जय़वृहन्तय़ोः
सभा पर्व
अध्याय २४
७ क
सुमहान्संशय़ो
भीष्म पर्व
अध्याय १२
१८ क
सुमहान्संशय़ोऽत्र
अनुशासन पर्व
अध्याय १४४
४ ख
सुमहान्सङ्ग्रामः
भीष्म पर्व
अध्याय ८०
५१ क
सुमहान्समजाय़त
द्रोण पर्व
अध्याय २५
४१ ख
सुमहान्समुत्थितः;
द्रोण पर्व
अध्याय ८४
३० क
सुमहान्सर्वेषां
शान्ति पर्व
अध्याय १९३
८ क
सुमहान्सागरोपमः
उद्योग पर्व
अध्याय १६६
१ क
सुमहान्सागरोपमः
अनुशासन पर्व
अध्याय ५२
१ क
सुमहान्स्मृतः
सभा पर्व
अध्याय ५
३९ ख
सुमहान्स्यान्महीपतेः
आदि पर्व
अध्याय २०५
१४ क