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सोऽदर्शनपथं
वन पर्व
अध्याय ४३
२८ क
सोऽदहद्वाहिनीद्वय़म्
कर्ण पर्व
अध्याय ११
२६ ख
सोऽदृश्यत
द्रोण पर्व
अध्याय १३
६८ ख
सोऽदृश्यत
द्रोण पर्व
अध्याय ६८
६६ ख
सोऽदृश्यत
द्रोण पर्व
अध्याय १५०
५१ ख
सोऽदृश्योऽन्येन
शान्ति पर्व
अध्याय ३२३
११ ख
सोऽद्भुतः
वन पर्व
अध्याय २१३
४० क
सोऽद्य
वन पर्व
अध्याय २७८
२२ क
सोऽद्य
भीष्म पर्व
अध्याय १४
४ ख
सोऽद्य
द्रोण पर्व
अध्याय ५०
५१ ख
सोऽद्य
द्रोण पर्व
अध्याय ५५
७ ख
सोऽद्य
द्रोण पर्व
अध्याय ५५
८ ख
सोऽद्य
द्रोण पर्व
अध्याय ६१
१६ ख
सोऽद्य
द्रोण पर्व
अध्याय ६१
१७ ख
सोऽद्य
द्रोण पर्व
अध्याय ६१
२० ख
सोऽद्य
द्रोण पर्व
अध्याय १०२
४९ क
सोऽद्य
द्रोण पर्व
अध्याय १५५
२७ ग
सोऽद्य
द्रोण पर्व
अध्याय १६७
४० ख
सोऽद्य
कर्ण पर्व
अध्याय ३४
२० क
सोऽद्य
कर्ण पर्व
अध्याय ४६
३८ ख
सोऽद्य
कर्ण पर्व
अध्याय ४६
४१ ख
सोऽद्य
कर्ण पर्व
अध्याय ४६
४४ ख
सोऽद्य
कर्ण पर्व
अध्याय ४६
४८ ख
सोऽद्य
शल्य पर्व
अध्याय २३
४४ क
सोऽद्यान्यान्पर्युपाससे
शान्ति पर्व
अध्याय १८
१७ ख
सोऽद्यान्यैर्भृतिमिच्छति
विराट पर्व
अध्याय १७
२३ ख
सोऽद्यान्यैर्भृतिमिच्छसि
शान्ति पर्व
अध्याय १८
११ ख
सोऽद्यैष
द्रोण पर्व
अध्याय १६७
३० ख
सोऽद्राक्षीन्नहुषः
अनुशासन पर्व
अध्याय १०३
२४ क
सोऽधमः
सभा पर्व
अध्याय ४६
१८ ख
सोऽधमपूरुषः
उद्योग पर्व
अध्याय ३६
१९ ख
सोऽधमान्याति
अनुशासन पर्व
अध्याय ११२
४७ ख
सोऽधमे
अनुशासन पर्व
अध्याय १३३
३५ ख
सोऽधर्मः
द्रोण पर्व
अध्याय १६७
३३ ख
सोऽधर्मस्तं
शान्ति पर्व
अध्याय २९७
१६ क
सोऽधर्मस्तांश्च
शान्ति पर्व
अध्याय ८६
१२ ख
सोऽधर्मो
शान्ति पर्व
अध्याय १८३
५ ख
सोऽधर्मोऽदेशेऽकाले
शान्ति पर्व
अध्याय ३७
८ क
सोऽधिकारोऽधिकारिणा
शान्ति पर्व
अध्याय ३२७
३४ ख
सोऽधिगच्छति
भीष्म पर्व
अध्याय ३६
१९ ख
सोऽधिगच्छति
शान्ति पर्व
अध्याय १९०
११ ख
सोऽधिगमिष्यति
अनुशासन पर्व
अध्याय ५६
१० क
सोऽधिष्ठाय़
द्रोण पर्व
अध्याय २५
४९ क
सोऽधीते
उद्योग पर्व
अध्याय ९
५ क
सोऽधीत्य
शान्ति पर्व
अध्याय ३११
२४ क
सोऽधीय़ानं
वन पर्व
अध्याय १३२
८ क
सोऽध्यगच्छदुपाय़ं
वन पर्व
अध्याय ११०
२९ क
सोऽध्यतिष्ठत्पुरोत्तमम्
आदि पर्व
अध्याय ८९
४० क
सोऽध्ययनं
वन पर्व
अध्याय १३२
६ ख
सोऽध्यारोहद्रथवरं
आदि पर्व
अध्याय १५५
३९ क
सोऽध्यावसति
अनुशासन पर्व
अध्याय ११०
६९ क
सोऽध्यावसद्दीनमनाः
आदि पर्व
अध्याय १२८
१५ ख
सोऽनघ
शान्ति पर्व
अध्याय १२६
२८ क
सोऽनदत्सुमहानादमिन्द्राशनिसमस्वनम्
भीष्म पर्व
अध्याय ६०
५५ ख
सोऽनन्तमाप्नोत्यभय़ं
शान्ति पर्व
अध्याय २३७
२६ ख
सोऽनपत्यश्च
सभा पर्व
अध्याय ३८
२८ क
सोऽनशत्सिंहो
शान्ति पर्व
अध्याय ११७
३१ क
सोऽनसूय़श्च
वन पर्व
अध्याय २७८
१९ ख
सोऽनासाद्यामिषं
आदि पर्व
अध्याय १६६
२६ क
सोऽनिमिषो
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३३
२४ क
सोऽनिरुद्ध
शान्ति पर्व
अध्याय ३३५
१६ क
सोऽनिरुद्धः
शान्ति पर्व
अध्याय ३२६
३७ ग
सोऽनिलः
शान्ति पर्व
अध्याय ३१५
३६ ख
सोऽनु
शान्ति पर्व
अध्याय ९१
३६ ख
सोऽनुकम्प्यः
उद्योग पर्व
अध्याय ३७
२३ ख
सोऽनुगम्यते
अनुशासन पर्व
अध्याय ११०
७८ क
सोऽनुगम्यते
अनुशासन पर्व
अध्याय ११०
१०० ख
सोऽनुजः
द्रोण पर्व
अध्याय १०२
८१ क
सोऽनुजज्ञे
कर्ण पर्व
अध्याय २२
१० क
सोऽनुज्ञातः
आदि पर्व
अध्याय १८३
९ ग
सोऽनुज्ञातो
वन पर्व
अध्याय ५७
२० क
सोऽनुतिष्ठेद्यथाविधि
शान्ति पर्व
अध्याय २२६
४ ख
सोऽनुनीतो
शान्ति पर्व
अध्याय ३८
२७ क
सोऽनुनीतो
शान्ति पर्व
अध्याय ३२०
३८ क
सोऽनुनीतो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १४
२ क
सोऽनुमान्य
वन पर्व
अध्याय ७
१६ क
सोऽनुवन्धं
शान्ति पर्व
अध्याय १६६
३ ख
सोऽनुशशास
अनुशासन पर्व
अध्याय ८९
१५ ख
सोऽनुशास्ति
सभा पर्व
अध्याय ३८
३० ख
सोऽनुसृत्य
आदि पर्व
अध्याय २०५
२१ क
सोऽनुस्रोतस्तदा
आदि पर्व
अध्याय ९८
२० क
सोऽनृशंसः
वन पर्व
अध्याय १४२
१५ क
सोऽनेकधापतद्भूमौ
कर्ण पर्व
अध्याय ४५
१५ क
सोऽनेन
शान्ति पर्व
अध्याय ३१०
१५ क
सोऽन्तःपुरं
आदि पर्व
अध्याय १६६
२३ ख
सोऽन्तःपुरगतः
विराट पर्व
अध्याय १८
१० ख
सोऽन्तकः
शान्ति पर्व
अध्याय ६८
४४ ख
सोऽन्तकः
शान्ति पर्व
अध्याय ३०९
६३ क
सोऽन्तको
द्रोण पर्व
अध्याय १७३
६७ क
सोऽन्तको
अनुशासन पर्व
अध्याय १४५
३८ क
सोऽन्तमाश्रित्य
उद्योग पर्व
अध्याय १०
४३ क
सोऽन्तरं
उद्योग पर्व
अध्याय १२
१९ ख
सोऽन्तरा
द्रोण पर्व
अध्याय ६७
१७ क
सोऽन्तराय़ुधिनं
भीष्म पर्व
अध्याय ५०
३६ क
सोऽन्तरिक्षं
शान्ति पर्व
अध्याय ३१९
२४ क
सोऽन्तरिक्षं
अनुशासन पर्व
अध्याय ११०
३८ ख
सोऽन्तरिक्षचरान्सिद्धान्समपश्यत्समाहितान्
शल्य पर्व
अध्याय ४९
२५ क
सोऽन्तरिक्षमभिप्लुत्य
वन पर्व
अध्याय १५७
६७ क
सोऽन्तरिक्षात्पुनः
द्रोण पर्व
अध्याय ४७
३८ क
सोऽन्तर्जलगतः
शान्ति पर्व
अध्याय २७८
२२ क