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सोऽव्यभिचारवान्
सभा पर्व
अध्याय २०
१६ ख
सोऽव्ययः
शान्ति पर्व
अध्याय १९९
१३ क
सोऽव्ययान्
अनुशासन पर्व
अध्याय ९९
२७ ख
सोऽव्रजत्
शल्य पर्व
अध्याय ५४
१० ख
सोऽव्रवीच्च
अनुशासन पर्व
अध्याय १८
४० ख
सोऽव्रवीज्जातसंरम्भस्तदा
सौप्तिक पर्व
अध्याय १७
२४ क
सोऽव्रवीत्
आदि पर्व
अध्याय ५७
७० ख
सोऽव्रवीत्
आदि पर्व
अध्याय १२३
६४ ख
सोऽव्रवीत्
आदि पर्व
अध्याय १६७
१२ क
सोऽव्रवीत्
वन पर्व
अध्याय ४१
१७ ख
सोऽव्रवीत्
वन पर्व
अध्याय १४७
३७ ग
सोऽव्रवीत्
वन पर्व
अध्याय २१९
७ क
सोऽव्रवीत्
वन पर्व
अध्याय २८९
६ ख
सोऽव्रवीत्
उद्योग पर्व
अध्याय १८९
१६ ख
सोऽव्रवीत्
शान्ति पर्व
अध्याय १
३० ख
सोऽव्रवीत्परमप्रीतो
शान्ति पर्व
अध्याय १२२
१० क
सोऽव्रवीत्पावकं
सभा पर्व
अध्याय २८
२७ क
सोऽव्रवीत्पितरं
सौप्तिक पर्व
अध्याय १७
१३ क
सोऽव्रवीत्पितरं
शान्ति पर्व
अध्याय १६९
४ क
सोऽव्रवीत्पुरुषव्याघ्रः
द्रोण पर्व
अध्याय ५८
३२ क
सोऽव्रवीत्सम्यगुच्यते
शान्ति पर्व
अध्याय १३५
८ क
सोऽव्रवीत्सात्यकिं
कर्ण पर्व
अध्याय ३४
६ क
सोऽव्रवीत्सुहृदश्चापि
वन पर्व
अध्याय २४३
१४ क
सोऽव्रवीत्स्वागतं
द्रोण पर्व
अध्याय ६९
५८ क
सोऽव्रवीदर्च्य
उद्योग पर्व
अध्याय १७
२ क
सोऽव्रवीदर्जुनं
वन पर्व
अध्याय ३८
३२ क
सोऽव्रवीदर्जुनं
कर्ण पर्व
अध्याय ६६
६० ख
सोऽव्रवीदहमासं
शान्ति पर्व
अध्याय ३
१९ क
सोऽव्रवीदुपसङ्गम्य
विराट पर्व
अध्याय ३०
६ ख
सोऽव्रवीद्गौतमोऽस्मीति
शान्ति पर्व
अध्याय १६४
७ ख
सोऽव्रवीद्दुःखसन्तप्तो
शान्ति पर्व
अध्याय २५८
४३ क
सोऽव्रवीद्भरतर्षभ
अनुशासन पर्व
अध्याय १०
२४ क
सोऽव्रवीद्भीमकर्माणं
आदि पर्व
अध्याय १२७
१० क
सोऽव्रवीद्भ्रातरं
शान्ति पर्व
अध्याय २४
८ क
सोऽव्रवीद्यक्ष्मैनमावेक्ष्यतीति
शान्ति पर्व
अध्याय ३२९
४५ क
सोऽव्रवीद्वचः
शान्ति पर्व
अध्याय १९३
४ ख
सोऽव्रवीद्वचः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३८
४ ख
सोऽव्रवीद्वाढमित्येवं
वन पर्व
अध्याय २१७
८ क
सोऽव्रवीद्वासवस्ततः
वन पर्व
अध्याय २१९
७ ख
सोऽव्रवीद्विजने
आदि पर्व
अध्याय १११
२२ क
सोऽव्रवीन्मातरं
शान्ति पर्व
अध्याय १
३२ क
सोऽव्रवीन्मातरं
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २२
७ क
सोऽव्रवीन्मुनिः
अनुशासन पर्व
अध्याय ७०
५ ख
सोऽव्रवीन्मेघधीरेण
आदि पर्व
अध्याय १२६
८ क
सोऽशक्नुवन्विशेषाय़
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५
१५ क
सोऽशक्यतां
आदि पर्व
अध्याय १९७
२२ क
सोऽशपत्कुपितोऽस्मांस्तु
आदि पर्व
अध्याय २०८
२१ क
सोऽशपद्भ्रातृभिः
द्रोण पर्व
अध्याय १६
२० ख
सोऽशेत
उद्योग पर्व
अध्याय २२
२८ ख
सोऽश्नुते
शान्ति पर्व
अध्याय ९८
१२ ख
सोऽश्नुते
शान्ति पर्व
अध्याय २८०
११ ख
सोऽश्नुते
शान्ति पर्व
अध्याय ३०९
४६ ख
सोऽश्नुते
अनुशासन पर्व
अध्याय ११०
१०५ क
सोऽश्नुतेऽवशः
शान्ति पर्व
अध्याय ३२७
६८ ख
सोऽश्मवर्षं
आदि पर्व
अध्याय २१८
४६ क
सोऽश्वं
अनुशासन पर्व
अध्याय १२
९ क
सोऽश्वत्थामानमार्दय़त्
द्रोण पर्व
अध्याय १७१
४६ क
सोऽश्वत्थामैष
द्रोण पर्व
अध्याय १६७
२८ ख
सोऽश्वमेधफलं
अनुशासन पर्व
अध्याय १७
१७१ ख
सोऽश्वमेधफलं
अनुशासन पर्व
अध्याय ९९
१७ ख
सोऽश्वमेधमकल्पय़त्
शान्ति पर्व
अध्याय २७३
५५ ख
सोऽश्वमेधशतेन
शल्य पर्व
अध्याय ४८
८ ख
सोऽश्वमेधेश्वरं
सभा पर्व
अध्याय २६
८ क
सोऽश्वमेधो
शान्ति पर्व
अध्याय ३०८
१६० ख
सोऽश्ववन्धो
विराट पर्व
अध्याय १८
३१ ख
सोऽश्ववेगानिलवलः
वन पर्व
अध्याय ८४
९ क
सोऽश्विनौ
द्रोण पर्व
अध्याय १७३
६५ ख
सोऽश्विनौ
शान्ति पर्व
अध्याय २७१
२७ ख
सोऽश्विनौ
अनुशासन पर्व
अध्याय १४५
३७ क
सोऽष्टभिः
द्रोण पर्व
अध्याय ९६
३० क
सोऽष्टाभिरपवर्जय़त्
भीष्म पर्व
अध्याय ५७
८ ख
सोऽसकृत्
सभा पर्व
अध्याय १२
५ ख
सोऽसहाय़ोऽस्मि
शान्ति पर्व
अध्याय ८२
७ ख
सोऽसावेव
कर्ण पर्व
अध्याय २८
३८ ख
सोऽसि
उद्योग पर्व
अध्याय १३८
९ क
सोऽसिना
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
६० ख
सोऽसिना
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
८० ख
सोऽसुरः
सभा पर्व
अध्याय ३
७ ग
सोऽसुरस्तस्य
वन पर्व
अध्याय ९४
६ ख
सोऽसुराधिपः
अनुशासन पर्व
अध्याय १०१
१२ क
सोऽसुरोऽप्रतिमां
सभा पर्व
अध्याय ३
१७ क
सोऽसून्सुप्तवन्निष्टनित्वा;
आदि पर्व
अध्याय ८५
१८ क
सोऽसृजच्छत्रुमेव
अनुशासन पर्व
अध्याय १४१
२३ क
सोऽसृजत्
कर्ण पर्व
अध्याय १७
४३ ग
सोऽसृजत्प्रथमं
शान्ति पर्व
अध्याय १७५
१३ क
सोऽसृजद्वाय़ुमग्निं
शान्ति पर्व
अध्याय १६०
१३ क
सोऽसृजद्विश्वां
शान्ति पर्व
अध्याय २००
३० ख
सोऽसृजन्मानसं
शान्ति पर्व
अध्याय ५९
९४ ख
सोऽसृजन्मेघांस्तथा
शान्ति पर्व
अध्याय २००
३० क
सोऽसौ
द्रोण पर्व
अध्याय ६९
१० क
सोऽस्तमावृत्य
शान्ति पर्व
अध्याय १९७
१४ ख
सोऽस्ति
वन पर्व
अध्याय ३३
८ ख
सोऽस्ति
भीष्म पर्व
अध्याय १९
१२ क
सोऽस्ति
शल्य पर्व
अध्याय २१
३ क
सोऽस्तीको
आदि पर्व
अध्याय ४९
१७ क
सोऽस्तु
उद्योग पर्व
अध्याय ३४
८१ ख
सोऽस्तु
उद्योग पर्व
अध्याय १४९
३४ क
सोऽस्तु
अनुशासन पर्व
अध्याय २१
१७ ख
सोऽस्तु
अनुशासन पर्व
अध्याय ९६
३४ क
सोऽस्त्रं
वन पर्व
अध्याय १६३
४८ ख