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स्यात्क्रिय़ापथः
शान्ति पर्व
अध्याय १३
७ ख
स्यात्क्रुद्धादस्माद्विभावसोः
वन पर्व
अध्याय २९१
३ ख
स्यात्क्षणं
आदि पर्व
अध्याय ३
१०० 8
स्यात्क्षत्रं
आदि पर्व
अध्याय १५८
४९ क
स्यात्क्षत्रं
शान्ति पर्व
अध्याय ७९
२१ ख
स्यात्क्षत्रिय़ः
आदि पर्व
अध्याय १५९
१४ क
स्यात्क्षत्रिय़ः
अनुशासन पर्व
अध्याय ४
४३ ख
स्यात्क्षत्रिय़स्य
उद्योग पर्व
अध्याय ८६
४ क
स्यात्क्षत्रिय़ाणां
अनुशासन पर्व
अध्याय ४७
४८ क
स्यात्क्षत्रिय़ो
शान्ति पर्व
अध्याय ३२७
१०४ ख
स्यात्क्षत्रिय़ो
अनुशासन पर्व
अध्याय १३५
१२३ क
स्यात्क्षिप्रं
शान्ति पर्व
अध्याय १२९
१० क
स्यात्खाण्डवे
उद्योग पर्व
अध्याय ५९
८ क
स्यात्ततो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४६
१३ ख
स्यात्तत्कुरुष्व
आदि पर्व
अध्याय २००
२० ख
स्यात्तत्तदाचरेत्
शान्ति पर्व
अध्याय २०८
२० ख
स्यात्तत्र
शान्ति पर्व
अध्याय ९९
४२ क
स्यात्तथा
आदि पर्व
अध्याय २००
१७ ख
स्यात्तथा
वन पर्व
अध्याय १३६
१४ ख
स्यात्तथा
उद्योग पर्व
अध्याय ७५
१४ क
स्यात्तथा
उद्योग पर्व
अध्याय ७९
१ ख
स्यात्तथा
उद्योग पर्व
अध्याय ८६
६ क
स्यात्तथा
शल्य पर्व
अध्याय ६२
३९ ख
स्यात्तथा
अनुशासन पर्व
अध्याय ५३
३५ क
स्यात्तथा
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७१
२३ ख
स्यात्तदक्षय़्यं
अनुशासन पर्व
अध्याय ६७
२९ ख
स्यात्तदा
शान्ति पर्व
अध्याय २८३
२ ग
स्यात्तदृतं
आदि पर्व
अध्याय १५४
१९ ख
स्यात्तदृते
उद्योग पर्व
अध्याय ७०
६७ क
स्यात्तद्गुह्यं
शान्ति पर्व
अध्याय १५८
९ क
स्यात्तद्धितं
शान्ति पर्व
अध्याय १२०
३३ क
स्यात्तद्वर्णेन
अनुशासन पर्व
अध्याय ४९
२५ क
स्यात्तद्वा
शान्ति पर्व
अध्याय ११२
१४ ख
स्यात्तद्विधोऽपरः
शान्ति पर्व
अध्याय १७५
३३ ख
स्यात्तद्व्रवीहि
आदि पर्व
अध्याय २११
२० क
स्यात्तद्व्रवीहि
अनुशासन पर्व
अध्याय ६७
१४ क
स्यात्तन्नृशंसतरं
उद्योग पर्व
अध्याय ७०
६६ ख
स्यात्तन्मे
शान्ति पर्व
अध्याय २७५
१ ख
स्यात्तन्मे
अनुशासन पर्व
अध्याय २३
२६ ख
स्यात्तन्मे
अनुशासन पर्व
अध्याय ४५
१ ख
स्यात्तपसो
आदि पर्व
अध्याय ७१
४२ ख
स्यात्तस्माद्देशात्सवान्धवः
शान्ति पर्व
अध्याय ७७
१४ ख
स्यात्तस्माद्धर्मं
अनुशासन पर्व
अध्याय १२०
१० ख
स्यात्तस्मान्मम
शान्ति पर्व
अध्याय ११७
१४ ख
स्यात्तस्मिन्रथोत्तमे
कर्ण पर्व
अध्याय २४
९९ ख
स्यात्तस्यावृत्तिभय़ं
उद्योग पर्व
अध्याय ३७
३७ ख
स्यात्तादृगेव
वन पर्व
अध्याय ३४
२४ ख
स्यात्तान्दोषान्परिवर्जय़ेत्
उद्योग पर्व
अध्याय ४३
२१ क
स्यात्तीक्ष्णतुण्ड
शान्ति पर्व
अध्याय १३८
४९ ख
स्यात्तु
सभा पर्व
अध्याय ७०
१५ क
स्यात्तु
वन पर्व
अध्याय ५९
१२ ख
स्यात्तु
वन पर्व
अध्याय ७२
१३ ख
स्यात्तु
वन पर्व
अध्याय २९७
५ क
स्यात्तु
शान्ति पर्व
अध्याय १२८
८ ग
स्यात्तु
शान्ति पर्व
अध्याय १३७
४३ क
स्यात्तुमुले
सभा पर्व
अध्याय ५६
८ ख
स्यात्तुल्यहेतौ
शान्ति पर्व
अध्याय ३०८
४२ ख
स्यात्तेषु
अनुशासन पर्व
अध्याय २६
६ क
स्यात्त्रिभिर्गुणैः
भीष्म पर्व
अध्याय ४०
४० ख
स्यात्त्रिरात्रं;
अनुशासन पर्व
अध्याय ७५
१९ क
स्यात्त्रिलोकगे
आदि पर्व
अध्याय ९१
१८ ख
स्यात्त्रय़ीधर्ममृते
वन पर्व
अध्याय १४९
३२ क
स्यात्त्वं
शान्ति पर्व
अध्याय ४६
३० ख
स्यात्त्वमिव
कर्ण पर्व
अध्याय ५०
५२ ख
स्यात्त्वामाश्रित्य
द्रोण पर्व
अध्याय ९५
१६ ख
स्यात्त्वय़ि
वन पर्व
अध्याय ३३
४१ ख
स्यात्त्वय़ेहानृशंसतः
आदि पर्व
अध्याय १०९
१८ ख
स्यात्पक्वसङ्काशो
शान्ति पर्व
अध्याय १३८
३१ ख
स्यात्पञ्चमे
आदि पर्व
अध्याय ११४
६५ ख
स्यात्पतितो
अनुशासन पर्व
अध्याय ९०
३२ ख
स्यात्परत्र
अनुशासन पर्व
अध्याय १५१
५१ ख
स्यात्परमपूजितः
शान्ति पर्व
अध्याय ८१
२३ ख
स्यात्परमसारथिः
वन पर्व
अध्याय २०२
२२ ख
स्यात्परस्परम्
भीष्म पर्व
अध्याय १
२७ क
स्यात्पराङ्मुखः
विराट पर्व
अध्याय ४२
८ ख
स्यात्पराजय़ः
उद्योग पर्व
अध्याय ५४
६२ ख
स्यात्पराय़णम्
शान्ति पर्व
अध्याय ७९
१३ क
स्यात्परिवर्तेत
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५
२५ क
स्यात्परे
आदि पर्व
अध्याय ७१
५४ ख
स्यात्पर्वतो
द्रोण पर्व
अध्याय १९
१९ ख
स्यात्पवित्रं
शान्ति पर्व
अध्याय २१४
६ ख
स्यात्पवित्री
अनुशासन पर्व
अध्याय ९३
७ क
स्यात्पवित्री
अनुशासन पर्व
अध्याय ९३
८ ख
स्यात्पश्य
शान्ति पर्व
अध्याय २१२
३ क
स्यात्पादं
अनुशासन पर्व
अध्याय १०७
५३ ख
स्यात्पानपो
उद्योग पर्व
अध्याय ३५
४० क
स्यात्पापकृद्भिः
शान्ति पर्व
अध्याय ७४
२३ ख
स्यात्पापप्रणाशनम्
शान्ति पर्व
अध्याय १२३
१२ ख
स्यात्पापेन
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १८
३ क
स्यात्पारदारिकः
शान्ति पर्व
अध्याय ६७
१८ ख
स्यात्पार्थिवस्य
अनुशासन पर्व
अध्याय ६१
७४ क
स्यात्पिता
आदि पर्व
अध्याय २२१
१९ ख
स्यात्पितामह
अनुशासन पर्व
अध्याय २३
३ ख
स्यात्पितामह
अनुशासन पर्व
अध्याय ३३
१ क
स्यात्पितामह
अनुशासन पर्व
अध्याय ३७
१ ख
स्यात्पीठगः
वन पर्व
अध्याय २३
२३ ख
स्यात्पुत्रहेतोर्मय़ा
आदि पर्व
अध्याय ९१
१९ ख
स्यात्पुत्रैः
उद्योग पर्व
अध्याय ८८
५८ क
स्यात्पुमानेकः
उद्योग पर्व
अध्याय १२२
५१ ख
स्यात्पुराकृतम्
वन पर्व
अध्याय ३३
३४ ख