स्वकर्मणा
शान्ति पर्व
अध्याय ११०
२४ ख
स्वकर्मणा
शान्ति पर्व
अध्याय १४२
४३ क
स्वकर्मणा
शान्ति पर्व
अध्याय १७३
३५ ख
स्वकर्मणा
शान्ति पर्व
अध्याय २२०
३६ ख
स्वकर्मणा
शान्ति पर्व
अध्याय २५५
३६ ख
स्वकर्मणा
शान्ति पर्व
अध्याय ३०९
५७ क
स्वकर्मणा
शान्ति पर्व
अध्याय ३०९
६८ क
स्वकर्मणा
शान्ति पर्व
अध्याय ३०९
८८ क
स्वकर्मणा
शान्ति पर्व
अध्याय ३२६
३५ ख
स्वकर्मणा
अनुशासन पर्व
अध्याय १
६४ ख
स्वकर्मणा
अनुशासन पर्व
अध्याय ६८
२ क
स्वकर्मणि
सभा पर्व
अध्याय ३८
३४ ख
स्वकर्मणि
शान्ति पर्व
अध्याय ६०
१० क
स्वकर्मणि
शान्ति पर्व
अध्याय १२०
२१ ख
स्वकर्मणोः;
शान्ति पर्व
अध्याय ३०९
७८ क
स्वकर्मण्यनवस्थितम्
द्रोण पर्व
अध्याय ७३
९ क
स्वकर्मण्यपरे
शान्ति पर्व
अध्याय ७७
१ क
स्वकर्मतः
वन पर्व
अध्याय ३३
३२ क
स्वकर्मनिरतः
भीष्म पर्व
अध्याय ४०
४५ ख
स्वकर्मनिरतः
अनुशासन पर्व
अध्याय ७४
२१ क
स्वकर्मनिरतः
अनुशासन पर्व
अध्याय ७४
२१ ख
स्वकर्मनिरतश्च
अनुशासन पर्व
अध्याय ९०
२२ ख
स्वकर्मनिरता
वन पर्व
अध्याय १९८
२७ ख
स्वकर्मनिरता
भीष्म पर्व
अध्याय १२
२८ क
स्वकर्मनिरता
भीष्म पर्व
अध्याय १२
३४ क
स्वकर्मनिरता
शान्ति पर्व
अध्याय ५७
३५ क
स्वकर्मनिरता
अनुशासन पर्व
अध्याय २३
३५ ख
स्वकर्मनिरता
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९५
२९ क
स्वकर्मनिरताः
सभा पर्व
अध्याय ३०
१ ख
स्वकर्मनिरताः
वन पर्व
अध्याय १९८
२५ क
स्वकर्मनिरतानां
अनुशासन पर्व
अध्याय ७४
५ क
स्वकर्मनिरतानां
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३६
२७ ख
स्वकर्मनिरतान्दान्तान्कुले
अनुशासन पर्व
अध्याय ९०
३३ ख
स्वकर्मनिरताश्चासन्सर्वे
आदि पर्व
अध्याय ५८
२२ क
स्वकर्मनिरतास्तव
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३३
७ क
स्वकर्मनिरतो
वन पर्व
अध्याय १९९
१५ ख
स्वकर्मनिरतो
वन पर्व
अध्याय १९९
३४ ख
स्वकर्मनिरतो
शान्ति पर्व
अध्याय ६२
११ ख
स्वकर्मनिर्वृत्तं
अनुशासन पर्व
अध्याय १२१
२२ ख
स्वकर्मनिष्ठाफलसाक्षिकेण;
शान्ति पर्व
अध्याय ३०९
९० ख
स्वकर्मप्रत्ययाँल्लोकांस्त्रीन्विद्धि
अनुशासन पर्व
अध्याय १
७४ ख
स्वकर्मप्रत्ययाँल्लोकान्मत्वार्जुनकमव्रवीत्
अनुशासन पर्व
अध्याय १
७० ख
स्वकर्मप्रत्ययी
शान्ति पर्व
अध्याय २१२
३९ क
स्वकर्मफलनिर्जितम्
शान्ति पर्व
अध्याय २५६
१९ ग
स्वकर्मफलनिर्जिताम्
वन पर्व
अध्याय ४२
२१ ख
स्वकर्मफलनिर्वृत्तं
अनुशासन पर्व
अध्याय १२०
१३ ख
स्वकर्मफलमश्नुते
शान्ति पर्व
अध्याय २८७
३७ ख
स्वकर्मफलमाप्नोति
अनुशासन पर्व
अध्याय १३३
३० ख
स्वकर्मफलविक्षिप्तं
शान्ति पर्व
अध्याय १७४
११ क
स्वकर्मफलहेतुकः
वन पर्व
अध्याय २४७
१२ क
स्वकर्मभिः
वन पर्व
अध्याय १७८
९ क
स्वकर्मभिः
वन पर्व
अध्याय १८१
३२ क
स्वकर्मभिः
उद्योग पर्व
अध्याय ३४
६६ क
स्वकर्मभिः
उद्योग पर्व
अध्याय ६७
१४ ख
स्वकर्मभिः
भीष्म पर्व
अध्याय ६२
३८ ख
स्वकर्मभिः
स्त्री पर्व
अध्याय ४
७ ख
स्वकर्मभिः
शान्ति पर्व
अध्याय ७
२० ख
स्वकर्मभिः
शान्ति पर्व
अध्याय २१
१९ ग
स्वकर्मभिः
शान्ति पर्व
अध्याय १९८
१४ क
स्वकर्मभिः
शान्ति पर्व
अध्याय १९९
३ ख
स्वकर्मभिः
शान्ति पर्व
अध्याय २६१
१० ख
स्वकर्मभिः
शान्ति पर्व
अध्याय २६२
१६ ख
स्वकर्मभिः
शान्ति पर्व
अध्याय २७०
२७ क
स्वकर्मभिः
शान्ति पर्व
अध्याय २७७
१८ ख
स्वकर्मभिः
शान्ति पर्व
अध्याय ३०९
४६ क
स्वकर्मभिः
शान्ति पर्व
अध्याय ३१८
१० ख
स्वकर्मभिः
अनुशासन पर्व
अध्याय ४८
२९ ख
स्वकर्मभिः
अनुशासन पर्व
अध्याय ४८
४८ ख
स्वकर्मभिः
अनुशासन पर्व
अध्याय ६१
४१ ख
स्वकर्मभिः
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १२
१२ क
स्वकर्मभिः
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १७
३३ ख
स्वकर्मभिः
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३५
१६ ख
स्वकर्मभिरसन्तुष्टा
द्रोण पर्व
अध्याय १६५
२८ ख
स्वकर्मभिर्गता
शान्ति पर्व
अध्याय ३४
३५ ख
स्वकर्मभिर्महाव्यालैर्नोद्विजन्त्यल्पवुद्धय़ः
स्त्री पर्व
अध्याय ७
८ ख
स्वकर्मभिर्मानवं
अनुशासन पर्व
अध्याय ५७
३१ क
स्वकर्मभिरय़ं
अनुशासन पर्व
अध्याय १
७१ ख
स्वकर्मभिश्च
उद्योग पर्व
अध्याय १३
१४ क
स्वकर्मभ्यः
शान्ति पर्व
अध्याय २६७
२३ क
स्वकर्मविजितां
आदि पर्व
अध्याय २२०
२५ क
स्वकर्मविजितां
उद्योग पर्व
अध्याय १६
३ क
स्वकर्मसु
आदि पर्व
अध्याय ४५
९ क
स्वकर्मसु
सभा पर्व
अध्याय ५०
७ क
स्वकर्मसु
वन पर्व
अध्याय १९८
२५ ख
स्वकर्मसु
शान्ति पर्व
अध्याय ७९
१७ ख
स्वकर्मसु
शान्ति पर्व
अध्याय २६२
७ क
स्वकर्मसु
शान्ति पर्व
अध्याय २८५
२६ ख
स्वकर्मस्था
शान्ति पर्व
अध्याय ७८
१२ ख
स्वकर्मस्था
शान्ति पर्व
अध्याय ७८
१४ ख
स्वकर्मस्था
शान्ति पर्व
अध्याय ७८
१६ ख
स्वकर्मस्था
शान्ति पर्व
अध्याय ७८
१७ ख
स्वकर्मस्थान्विकर्मस्थो
द्रोण पर्व
अध्याय १६५
३१ ख
स्वकर्मस्थोऽभवच्छुचिः
कर्ण पर्व
अध्याय २८
९ ख
स्वकर्माणि
शान्ति पर्व
अध्याय ११५
१५ क
स्वकर्माणीह
शान्ति पर्व
अध्याय २७९
७ ग
स्वकर्माण्यभिसन्धाय़
शान्ति पर्व
अध्याय १४७
३ क
स्वकर्मैव
वन पर्व
अध्याय ३३
१९ क
स्वकर्मैवोपजीवन्ति
अनुशासन पर्व
अध्याय ६१
६ क
स्वकर्मोदाहरन्मुनिः
शान्ति पर्व
अध्याय १५९
४९ ख
स्वकर्मय़ुगपद्भावो
शान्ति पर्व
अध्याय २१२
३४ क